कल्पना कीजिए कि आप एक विमान में बैठते हैं और बिना कहीं रुके, पूरे एक दिन यानी करीब 20 से 22 घंटे तक लगातार आसमान में सफर करते हैं। सात से नौ टाइम जोन को एक साथ पार करने का यह सफर किसी भी इंसान के शरीर और दिमाग को थकाकर चूर करने के लिए काफी है। लेकिन विज्ञान की मदद से अब इस थकाऊ सफर को आरामदायक और सेहतमंद बनाने का एक बड़ा प्रयोग होने जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई विमानन कंपनी ‘क्वांटस एयरवेज’ ने ‘सनराइज’ प्रोजेक्ट में दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप फ्लाइट (सिडनी से लंदन) के लिए विशेष रूप से बनाए एयरबस ए350-1000यूएलआर विमान पेश किया है। उड़ानें अगले साल शुरू होंगी। दावा है कि इसमें यात्रियों को जेटलैग (थकान और अनिद्रा) से बचाने के लिए विमान में कृत्रिम सूर्योदय-सूर्यास्त, विशेष खान-पान और टहलने के लिए ‘वेलनेस जोन’ है। एनिमेटेड लाइट जैविक घड़ी को दुरुस्त रखेगी इतने लंबे सफर में इंसान के जैविक चक्र (बायोलॉजिकल क्लॉक) को संतुलित रखना वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। प्रोजेक्ट के वैज्ञानिक अनुसंधान में शामिल रहे सिडनी यूनिवर्सिटी में नींद विज्ञान के प्रोफेसर पीटर सिस्टुली कहते हैं, ‘नौ टाइम जोन को एक साथ पार करना बड़ा जैविक संकट होता है। इसे मात देने के लिए हमने विमान के भीतर हर छोटी डिटेल पर काम किया है। टेकऑफ के तुरंत बाद भारी भोजन देने से बचा जाएगा और शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी के अनुसार ‘प्रोटेक्टिव स्लीप विंडो’ तय होगा। इसमें विमान की खास एनिमेटेड लाइटिंग की बड़ी भूमिका होगी।’ विमान के केबिन डिजाइनर डेविड कॉन ने बताया, ‘विमान में ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक दृश्यों से प्रेरित 14 अलग-अलग लाइट ‘सिनेरियो’ प्रोग्राम किए हैं, जो सुबह या शाम होने का अहसास कराएगी। स्विमिंग पूल जैसा अहसास कराने वाला खास जोन भी विमान में बिखरी हुई, झिलमिलाती रोशनी होगी, जो यात्रियों को किसी स्विमिंग पूल के किनारे लेटने जैसा अहसास कराएगी, जहां वे खड़े होकर स्ट्रेचिंग कर सकेंगे और शरीर को आराम दे सकेंगे। वजन की पाबंदियों के कारण इस बड़े विमान में केवल 238 यात्री ही सफर करेंगे, जिससे आम इकोनॉमी क्लास में भी पैरों को फैलाने के लिए 33 से 34 इंच की अतिरिक्त जगह मिलेगी।
