सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें शुक्रवार को ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ा दी हैं। यह बढ़ोतरी अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से की गई है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग राज्यों और शहरों के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं। प्रीमियम पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही हैं। प्रीमियम पेट्रोल BPCL का स्पीड, HPCL का पावर और IOCL का XP95 के नाम से बिकता है। वहीं सामान्य पेट्रोल पुराने दाम पर ही मिलता रहेगा। फिलहाल इनके दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। देश के प्रमुख शहरों में सामान्य पेट्रोल-डीजल की लेटेस्ट कीमतें… प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रीमियम फ्यूल में मिलाए जाने वाले एडिटिव्स की लागत बढ़ना माना जा रहा है। सामान्य पेट्रोल के मुकाबले यह पहले से ही 5 से 10 रुपए महंगा होता है। अब इस बढ़ोतरी के बाद यह अंतर और बढ़ जाएगा। आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि बेस फ्यूल यानी सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नहीं छेड़ा गया है। तेल कंपनियों ने आखिरी बार मार्च 2024 में आम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2 रुपए की कटौती की थी। प्रीमियम फ्यूल की बिक्री कुल पेट्रोल बिक्री का एक छोटा हिस्सा होती है, इसलिए इस बढ़ोतरी का असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ेगा जिनके पास लग्जरी कारें या हाई-परफॉरमेंस स्पोर्ट्स बाइक्स हैं। प्रीमियम पेट्रोल महंगा होने से क्या बदलेगा? प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर 95 या उससे ज्यादा होता है। हाई-एंड इंजन वाली गाड़ियां इसी ईंधन पर बेहतर परफॉरमेंस देती हैं। कीमतों में 2 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी होने से उन ग्राहकों का मंथली फ्यूल बजट बढ़ जाएगा जो अपनी गाड़ियों के इंजन की लंबी उम्र और बेहतर पिकअप के लिए प्रीमियम फ्यूल ही लेते हैं। बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में प्रीमियम पेट्रोल की दरें अब रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच सकती हैं। कंपनियों के मार्जिन पर था दबाव: बाजार विशेषज्ञ बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ समय से मार्केटिंग मार्जिन में कमी आने के कारण तेल कंपनियां दबाव में थीं। चूंकि प्रीमियम फ्यूल की कीमतें डी-रेगुलेटेड (बाजार आधारित) कैटेगरी में आती हैं, इसलिए कंपनियां इसकी कीमतों में बदलाव करने के लिए स्वतंत्र हैं। प्रीमियम फ्यूल सेगमेंट में मार्जिन बेहतर होता है, इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और मिड-ईस्ट में जारी तनाव पर सबकी नजर रहेगी। अगर कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ाई जा सकती हैं। भारत में कच्चा तेल दोगुना होकर 146 डॉलर पर पहुंचा जंग के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने की वजह से कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम आज 109.54 डॉलर प्रति बैरल पर हैं। एक दिन पहले कच्चे तेल का दाम 117.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। वहीं भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई हैं। भारत इराक, सऊदी अरब, रूस, UAE से तेल खरीदता हैं। इन सभी अलग-अलग तरह के तेलों की कीमतों का जो औसत निकाला जाता है, उसे ही ‘इंडियन बास्केट’ कहते हैं। कच्चे तेल के तीन बड़े बेंचमार्क दुनियाभर में कच्चा तेल मुख्य रूप से तीन बड़े बेंचमार्क के आधार पर पहचाना और बेचा जाता है, जिन्हें ब्रेंट, WTI और OPEC बास्केट कहते हैं। ब्रेंट क्रूड उत्तरी सागर (यूरोप) के समुद्री कुओं से निकलता है और दुनिया का दो-तिहाई तेल कारोबार इसी के भाव पर टिका है। वहीं WTI अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है और अपनी शुद्धता के कारण अमेरिकी बाजार का मुख्य मानक है। OPEC बास्केट सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे खाड़ी देशों के संगठन (OPEC) द्वारा उत्पादित अलग-अलग कच्चे तेलों का एक औसत मिश्रण है। ये खबर भी पढ़ें… जंग के चलते क्रूड दोगुना, 146 डॉलर पहुंचा: पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है; हमले से कतर का प्लांट बंद, यूरोप में गैस की कीमत 30% बढ़ी ईरान की ओर से खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर नए हमलों के बाद आज 19 मार्च को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में 30% तक की तेजी है। जंग शरू होने के बाद से भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई है। इसके बढ़ने से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 10-15 रुपए बढ़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
